मैं बहुत ज्यादा सहिष्णु आदमी हूं। ये पंक्ति पढ़कर आपको जरूर लगा होगा कि मैं अपने मुंह मियां मिठठू बन रहा हूं, लेकिन सच बात कहने का मुझे अधिकार जरूर है। एक कदम और आगे बढाऊं तो मुझे लगता है कि देश के ज्यादातर लोग बेहद सहिष्णु हैं। आपको लगता होगा कि ऐसे दौर में जब लोग एक दूसरे को गरियाने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। मैं उलटी गंगा पहाड़ पर चढ़ाने की कोशिश कर रहा हूं। फिर भी आप जितना मुंह बनाएं ये सही है कि आम आदमी इतना सहिष्णु है कि अपने अधिकारों को लेकर भी सहिष्णु रवैया अपना लेता है और मुंह की खाता है। आप ऐसे नहीं मानेंगे जानता था तो सुनिए एक वाकया सुना देता हूं।
पिछले दिनों एक ढाबे पर खाना खाते वक्त आसपास लोगों का जमघट लगा था। बस उसी को देखकर यकीन हो गया कि हम कितने सहिष्णु हैं। दरअसल, आसपास के लोग खाने के लिए प्लेट का इंतजार कर रहे थे। इतने में एक आदमी तेजी से लोगों के सामने प्लेट रखकर चला जाता है। अचानक हलचल होती है, एक दूसरे की टेबल पर देखा जाता है। अपनी टेबल से उचक-उचककर लोग दूसरे की टेबल पर टिश्यू पेपर ढूंढते नजर आते हैं। मैं हैरानी से उन्हें देखता हूं आखिर ये हो क्या रहा है?
थोड़ी ही देर में मेरी टेबल पर भी थाली आ जाती है। थाली देखकर मैं कहता हूं, अरे ये थाली कितनी चिकनी है। लगता है जैसे ढंग से साफ नहीं किया गया है। तभी मेरे सामने बैठा व्यक्ति कहता है हां ये टिश्यू ले लो। मैं देखता हूं कि वह भी अपनी उस चिकनाई लिए हुए थाली को टिश्यू से पोंछ रहा है। मैंने पूछा आपने इसके लिए कहा नहीं। उसने कहा, नहीं हो जाता है। इतना घी डालता है तो कहां से उतरेगी इतनी चिकनाई। मैं भी अपनी थाली टिश्यू से पोंछते हुए सोचता हूं इससे ज्यादा सहिष्णुता कहां दिखाई देगी।
मैं करीब आधे घंटे तक वहां पर बैठा रहा। जो भी आया उसने थाली आने के बाद टिश्यू मांगा। अब आप समझ ही गए होंगे कि वहां पर बैठे हर आदमी के लिए टिश्यू की क्या अहमियत रही होगी? वहां आने वाला हर आदमी खुद पर सहिष्णुता की चाशनी जाने कहां से उडेलकर आया होगा। हम परंपरागत रूप से इसी तरह के सहिष्णु हैं।
इस सहिष्णुता की कहानी को देख-सुनकर अमिताभ बच्चन की एक फिल्म का डायलाॅग याद आ गया जब अमिताभ अपनी गरजती आवाज में कहते हैं, 'हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहां से शुरू हो जाती है।' टिश्यू पेपर का वाकया देखकर लगता है कि एक आदमी ने टिश्यू मांगा और पूरा जमाना सहिष्णु हो गया। तो जनाब अब रोजाना असहिष्णुता को लेकर तंग करना बंद कीजिए और थोड़े सहिष्णु हो जाइए। हां, इस बार शिकायत की जगह टिश्यू मांगिएगा। आपके सबसे ज्यादा सहिष्णु होने का यही प्रमाण होगा। शायद इससे आपकी सारी असहिष्णुता पोंछ दी जाए।
- अभिषेक
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