गलियों गलियों फिर फिर बदरा
उसका मुखड़ा देख गई
ये देखे या वो देखे
वो सारी दुनिया देख गई
आग उगलती इस दुनिया में
जलता हुआ नजारा है
झीनी सी चदरिया का आंचल ले
वो सूरज संग खेल गई
बातों की हसरत क्या पूरी हो
वो इक मौसम उसको देखे है
यादों में जीती यादों में ढलती
वो अश्कों से उसको सींच गई
इक दीवानी इक दीवाने संग
हाथ पकड़ यूं चलती थी
मैं देखूं या तू देखे
देख ये बदरा बीत गई
दीवाने का नाम न जाने
ऐसी उलझन पहली देखी
दो पल की इस यारी में
बदरा सारी भीग गई
काली-काली घटा उमड़ती
देख दीवाना डोल गया
भर-भर पानी कोई उलीचे
और बदरा बरसना भूल गई
- अभिषेक
उसका मुखड़ा देख गई
ये देखे या वो देखे
वो सारी दुनिया देख गई
आग उगलती इस दुनिया में
जलता हुआ नजारा है
झीनी सी चदरिया का आंचल ले
वो सूरज संग खेल गई
बातों की हसरत क्या पूरी हो
वो इक मौसम उसको देखे है
यादों में जीती यादों में ढलती
वो अश्कों से उसको सींच गई
इक दीवानी इक दीवाने संग
हाथ पकड़ यूं चलती थी
मैं देखूं या तू देखे
देख ये बदरा बीत गई
दीवाने का नाम न जाने
ऐसी उलझन पहली देखी
दो पल की इस यारी में
बदरा सारी भीग गई
काली-काली घटा उमड़ती
देख दीवाना डोल गया
भर-भर पानी कोई उलीचे
और बदरा बरसना भूल गई
- अभिषेक
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