आसमां का सीना चीर के निकलूंगा
दुनिया वालों तुम्हारा मुंह नोच के निकलूंगा
मैं निकलूंगा, मैं निकलूंगा, मैं निकलूंगा
दुश्मनों की महफिल से सीना ठोक के निकलूंगा
हजार शिकायतें दोस्तो की हैं
हजारों तलातुम दुश्मनों ने खड़े किए
मगर सुनलो अ दुनियावालों
सीना ए कुहसार पर कदमताल करके निकलूंगा
इस हाले जार में जीने दो,
मुझे खुद्दार बनके जीने दो
मेरे गैज को न दो आवाज
किसी रोज बेदाद बनके निकलूंगा
दीवानों की दुनिया है
आसमां भी हम अपना बना लेंगे
रोक के देख अ दुश्मन मुझे
तूफाने हवादिस में साजे जीस्त बनके निकलूंगा
किसी उक्वा के लिए जीने वाले
मेरे हमदम कोई और होंगे
सुनलो अ नुक्ताचीनों
जमीं पर मुकद्दस शमशीर बनके निकलूंगा।
पहली ही इश्रत में तुमने
सारे अहसानों को बहा डाला
गौर से सुनलो अहरमन हूं,
जख्म के बाद तबस्सुम बनके निकलूंगा।
- अभिषेक
तलातुमः तूफान, सीना ए कुहसारः पर्वत की छाती पर, हाले जारः दरिद्र दशा, गैजः क्रोध, बेदादः अत्याचार, तूफाने हवादिसः दुर्घटनाओं के तूफान में, साजे जीस्तः जीवन संगीत, उक्वाः परलोक, शमशीरः तलवार, इश्रतः सुख भोग,अहरमनः शैतान, तबस्सुमः मुस्कुराहट।
दुनिया वालों तुम्हारा मुंह नोच के निकलूंगा
मैं निकलूंगा, मैं निकलूंगा, मैं निकलूंगा
दुश्मनों की महफिल से सीना ठोक के निकलूंगा
हजार शिकायतें दोस्तो की हैं
हजारों तलातुम दुश्मनों ने खड़े किए
मगर सुनलो अ दुनियावालों
सीना ए कुहसार पर कदमताल करके निकलूंगा
इस हाले जार में जीने दो,
मुझे खुद्दार बनके जीने दो
मेरे गैज को न दो आवाज
किसी रोज बेदाद बनके निकलूंगा
दीवानों की दुनिया है
आसमां भी हम अपना बना लेंगे
रोक के देख अ दुश्मन मुझे
तूफाने हवादिस में साजे जीस्त बनके निकलूंगा
किसी उक्वा के लिए जीने वाले
मेरे हमदम कोई और होंगे
सुनलो अ नुक्ताचीनों
जमीं पर मुकद्दस शमशीर बनके निकलूंगा।
पहली ही इश्रत में तुमने
सारे अहसानों को बहा डाला
गौर से सुनलो अहरमन हूं,
जख्म के बाद तबस्सुम बनके निकलूंगा।
- अभिषेक
तलातुमः तूफान, सीना ए कुहसारः पर्वत की छाती पर, हाले जारः दरिद्र दशा, गैजः क्रोध, बेदादः अत्याचार, तूफाने हवादिसः दुर्घटनाओं के तूफान में, साजे जीस्तः जीवन संगीत, उक्वाः परलोक, शमशीरः तलवार, इश्रतः सुख भोग,अहरमनः शैतान, तबस्सुमः मुस्कुराहट।
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