रविवार, 12 जून 2016

इश्क का मिजाज अच्छा मगर...

इश्क का मिजाज अच्छा मगर
सबसे इश्क अच्छा नहीं
मुस्कुराते हुए चेहरे पर
ये गुबार अच्छा नहीं।

फूंक डालो ये गुस्सा
जिगर को फूंकने वालों
नाराजगी अच्छी है मगर
खुद पर सितम अच्छा नहीं।

तपिश आपकी बुझी नहीं
और मैं भी प्यासा हूं
पानी जरूरी है मगर
चुल्लू भर अच्छा नहीं।

फिर तेरी याद आई
और जगा दिया मुझको
तुम इतनी अच्छी हो मगर
कोई तुमसे अच्छा नहीं ।




- अभिषेक

2 टिप्‍पणियां:

  1. सब कुछ अच्छा है,
    मगर फिर भी कुछ अच्छा नहीं।

    जवाब देंहटाएं
  2. सुना है इंतजार का फल मीठा होता है, काम करते रहिए इंतजार करते रहिए।

    जवाब देंहटाएं