काम पर से घर लौट रहा हूं
और
बहुत चिंतित हूं
ना जाने किसने
रास्ते के सारे गडढे भर दिए हैं
अब न झटके लगेंगे
न थकान होगी
और
न कमर अटकेगी
मैं बहुत चिंतित हूं
आखिर
आज रात नींद कैसे आएगी?
- अभिषेक
और
बहुत चिंतित हूं
ना जाने किसने
रास्ते के सारे गडढे भर दिए हैं
अब न झटके लगेंगे
न थकान होगी
और
न कमर अटकेगी
मैं बहुत चिंतित हूं
आखिर
आज रात नींद कैसे आएगी?
- अभिषेक
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